Depression And Diet: डाइट में बदलाव कर युवाओं में Depression के खतरे को किया जा सकता है कम

Depression And Diet: कई अध्ययनों ने आहार और पोषण को मानसिक स्वास्थ्य के लिए अहम कड़ी बताया तो अब एक नए अध्ययन में कहा गया है कि थोड़े समय के लिए भी अगर आप अपने आहार में कुछ चीजों से परहेज और कुछ चीजों को अपनी डाइट में शामिल कर करने से  डिप्रेशन के लक्षणों से राहत मिल सकती है.

Translated by: Avdhesh Painuly  |  Updated: October 12, 2019 18:06 IST

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Depression And Diet: Changes in diet can reduce the risk of depression in youth

Depression Symptoms: डिप्रेशन हमारे खानपान के कारण भी हो सकता है

Depression And Diet: पूरी दुनिया ने इस हफ्ते मानसिक स्वास्थ्य दिवस (World Mental Health Day) मनाया और शरीर के साथ-साथ मानिसक स्वास्थ्य पर भी ध्यान देने की जागरूकता फैलाई गई. कई अध्ययनों ने आहार और पोषण को मानसिक स्वास्थ्य के लिए अहम कड़ी बताया तो अब एक नए अध्ययन में कहा गया है कि थोड़े समय के लिए भी अगर आप अपने आहार में कुछ चीजों से परहेज और कुछ चीजों को अपनी डाइट में शामिल कर करने से  डिप्रेशन के लक्षणों से राहत मिल सकती है. अध्ययन में बताया गया कि अगर युवा अपनी नियमित खानपान की आदत में बदलाव करते हैं तो अवसाद के खतरे को कम किया जा सकता है. डिप्रेशन को एक विकार के रूप में परिभाषित किया गया है लगातार मूड चेंज और दैनिक गतिविधियों में कम रुचि लेना है. इससे जीवन में कई तरह की परेशानियां सामने आ सकती हैं. डिप्रेशन हमारे खराब आहार का कारण है. यही हमें खराब आहार खाने के लिए प्रेरित करता है.



रेडोमाइज्ड कंट्रोल ट्रायल के परिणामों को पीएलओएस वन नामक पत्रिका में "आहार वयस्कों में अवसाद के लक्षणों को कम कर सकता है" नामक एक अध्ययन प्रकाशित किया गया था. अध्ययन यह जानने के लिए किया गया था कि डिप्रेशन वाले युवाओं को 3 हफ्ते के अंदर अपनी डाइट में बदलाव करने से फायदा मिल सकता है. इसके अलावा में अध्ययन में यह भी जानने का प्रयास किया गया था कि युवा इस दौरान कब तक अपनी डाइट में बदलाव करेंगे. अध्ययन 17 और 35 वर्ष की आयु के 76 युवाओं पर किया गया. सभी में मध्यम से उच्च स्तर के अवसाद थे और वह चीनी, वसा जैसी चीजों को अपनी डाइट में शामिल करते थे. 



प्रतिभागियों को दो समूहों में में बांटा गया एक जिनकी डाइट में बदलाव किया था और दूसरे जिनकी डाइट में बदलाव नहीं किया वह नियमित ही आहार ले रहे थे. यह अध्ययन अवसाद (Depression), मनोदशा (Mood) और चिंता (Anxiety) जैसी समस्याओं के स्तर को मापने के लिए किया गया था. अध्ययन में पाया गया कि जिन लोगों की डाइट में बदलाव किया गया था उनमें ये सारी समस्याएं को काफी हद तक कम हो गई थी. दूसरी ओर, दूसरे समूह में अवसाद के स्कोर में कोई अंतर नहीं था. अध्ययन ऑस्ट्रेलिया में मैक्वेरी यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं द्वारा आयोजित किया गया था.

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(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)

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