जलती गर्मी से बचने के लिए अपनाएं ये टिप्स

बढ़ता तापमान लोगों को बीमारियों की चपेट में ले जा रहा है। गर्मियों में शरीर में पानी की कमी आम समस्या है। ऐसे में लोगों को खुद को हेल्दी रखना जरूरी हो गया है। आने वाले दिनों में खुद को लू से बचाने के लिए आप इन बातों का ध्यान रख सकते हैं। जानें कुछ जरूरी टिप्सः

NDTV Food  |  Updated: June 20, 2019 14:36 IST

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Follow these tips to avoid the burning Heat Stroke (sunstroke) | lu se bachne ke upay in hindi

बढ़ती गर्मी ने लोगों के पसीने छूड़ा रखें हैं। ऐसे में लोग कई तरह की बीमारियों की चपेट में आ गए हैं। डायरिया, फूड पॉइज़निंग, गर्मी, लू घर में दस्तक दे चुकी है। इस भयंकर गर्मी में लोगों के लिए खुद को हेल्दी बनाए रखना पहले से ज़्यादा जरूरी हो गया है। ऐसे में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने लोगों को लू के प्रति जागरूक होने की जरूरत बताई है। आईएमए की ओर से जारी एक बयान के अनुसार, संस्था के मानद महासचिव डॉ. के.के. अग्रवाल ने कहा है कि लू का अगर समय रहते उपचार नहीं किया गया तो यह जानलेवा हो सकता है।




 

लू लगने के लक्षण 
सर्दियों के मुकाबले गर्मियां ज़्यादा बीमारियों के साथ आती है। जहां सर्दी में खुद को सिर्फ ठंड से बचाना मुख्य काम होता है, वहीं गर्मियों में फूड पॉइज़निंग, डी-हाइड्रेशन और लू कुछ मुख्य बीमारियां होती हैं। उन्होंने कहा, "लू के मरीजों में तेज बुखार, पानी की कमी और पसीना न निकलने जैसे लक्षण होते हैं। अक्सर ऐसी स्थिति में शरीर का तापमान 106 डिग्री फारेनहाइट से अधिक हो जाता है। ऐसी स्थिति में बाहरी या एक्जीलियरी तापमान विश्वसनीय नहीं होता।"

यूं नियंत्रित रहता है तापमान
डॉ. अग्रवाल ने कहा, "व्यक्ति के शरीर का तापमान उसके निकलने वाले पसीने से नियंत्रित रहता है, जिससे गर्मी का अहसास नहीं होता है। लेकिन गर्मी के बढ़ने के साथ अगर आपके शरीर से पसीना नहीं निकलता तो इससे गर्मी से जुड़ी समस्याएं होने लगती हैं।"



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खूब पीएं पानी
उन्होंने कहा, "हीट क्रैम्प्स गर्मी की सबसे हल्की समस्या होती है, जिसकी वजह से नमक और पानी की कमी हो जाती है। 'हीट एग्जॉशन' मध्यम किस्म की समस्या है, जिसमें पसीना तो आता रहा है, लेकिन लू लगने पर समय रहते उपचार की जरूरत होती है। लू के मरीजों में तेज बुखार, डीहाइड्रेशन और पसीना न निकलने जैसे लक्षण होते हैं। अक्सर ऐसी स्थिति में शरीर का तापमान 106 डिग्री फारेनहाइट से अधिक हो जाता है। ऐसी स्थिति में बाहरी या एक्जीलियरी तापमान विश्वसनीय नहीं होता। प्रभावित लोगों को चाहिए कि वे आठ से 10 लीटर तरल पेय लें।"

दिनोंदिन तापमान बढ़ता जा रहा है और आने वाले दिनों में लू के मामलों में इजाफा हो सकता है। खिलाड़ियों को गर्मी के दिनों में ठीक दोपहर के समय खेलने से परहेज करना चाहिए, साथ ही डीहाइड्रेशन से बचने के उपचार अपनाने चाहिए। खुद को लू से बचाए रखने के लिए नींबू नमक पानी और आम का पन्ना पेय के विकल्प के तौर पर लेते रहें। ताकि शरीर में पानी की कमी न होने पाए।



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कुछ जरूरी टिप्स
-    एंटी एलर्जी दवाएं लेने वाले लोगों और बूढ़े लोगों में लू लगना आम है.
-    अगर व्यक्ति को बुखार है और उसे होश नहीं आ रहा, तो यह गर्मीं संबंधी समस्या हो सकती है.
-    गर्मी के दिनों में हर व्यक्ति रोजाना करीब 500 मिली लीटर से लेकर 1000 मिली लीटर तक पानी पसीने से निकाल देता है। इसलिए अतिरिक्त पानी लेने की जरूरत होती है, तो शरीर में पानी की कमी न होने दें। नींबू नमक पानी, नारियल पानी आदि के जरिए पानी की पूर्ति करें.
-    किडनी की बीमारी और हार्ट फेल्योर वालों को अतिरिक्त पेय लेने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श ले लें।
-    पसीने की मौजूदगी या गैरमौजूदगी का पता हाथ की जांच से लगाया जा सकता है। हाथों के सूखे होने का मतलब गंभीर डीहाइड्रेशन हो सकता है.
-    गर्मी के दिनों में हर व्यक्ति को आठ घंटे के अंदर एक बार टॉयलेट जरूर जाएं। अगर आठ घंटे तक टॉयलेट नहीं जाते, तो यह गंभीर डीहाइड्रेशन हो सकता है.
-    इस मौसम में पीलिया, टायफाइड, गैस्ट्रोएन्टाइटिस और हैजा जैसी बीमारियों से बचाव के लिए हर व्यक्ति को चाहिए कि वह कटे हुए फल व सब्जियों के सेवन से बचे। फलों को तुरंत काट रकर ही खाएं.
-    साथ ही, रखे हुए खाने और बाहर के खाने से बचें.



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