Janmashtami : देशभर में अलग-अलग तरीकों से मनाया जाता है यह त्योहार

  |  Updated: September 05, 2015 11:12 IST

Reddit
Janmashtami 2015: What Makes this Festival Such a Grand Affair

भारतीय कैलेंडर के प्रमुख त्योहारों में से एक मानी जाने वाली जन्माष्टमी को हर साल बहुत ही जोर-शोर के साथ मनाया जाता है। यह भगवान कृष्ण के जन्मदिन की खुशी में मनाई जाती है, जिन्हें प्यार से गोविंदा, बालगोपाल, जगद्गुरू, मुरली मनोहर भी कहा जाता है। देश भर में इस दिन को काफी शुभ माना जाता है और भगवान के प्रति अपना प्यार दिखाने के लिए कई तरह के रीति-रिवाज़ फॉलो किए जाते हैं।  

भगवान कृष्ण की जिंदगी की एक छोटी-सी झलक
पौराणिक कथा में बताया गया है कि मथुरा राज्य की राजकुमारी देवकी और राजकुमार वासुदेव की संतान के रूप में भगवान कृष्ण ने जन्म लिया था। राजकुमारी का दुष्ट भाई राजा कंस ने राजकुमार वासुदेव और अपनी बहन देवकी को जेल में बंद कर दिया था क्योंकि कंस को एक भविष्यवाणी में बताया गया था कि देवकी का आठवां पुत्र कंस को मार डालेगा। उसने देवकी के छह बच्चों को निर्दयता से मार डाला।

 

 

ताजा लेख-

Diwali 2018: दीपावली तिथि, लक्ष्मी पूजन मुहूर्त, पूजन विधि, लक्ष्मी आरती और स्पेशल फूड

डायबिटीज रोगियों के लिए फायदेमंद है गाजर, इस्‍तेमाल करके देखें



Diabetes: ये 3 ड्राई फ्रूट करेंगे ब्लड शुगर लेवल को नेचुरली कंट्रोल



Get Fair Skin: दो हफ्तों में निखरेगा त्वचा का रंग, ये 4 चीजें आएंगी काम, आसान घरेलू नुस्खे...



Benefits of Cloves: लौंग के फायदे, ये 5 परेशानियां होंगी दूर



क्या आप टाइम पर करते हैं ब्रेकफास्‍ट, लंच और डिनर, क्या हैं इन्हें करने का सही समय?



Dhanteras 2018: कब है धनतेरस, पूजा विधि, मुहूर्त, जानें धनतेरस पर क्यों खरीदते हैं सोना



हुमा कुरैशी को बेहद पसंद हैं कबाब, यहां पढ़ें सीख कबाब की रेसिपी



Karva Chauth 2018 (Karwa Chauth): सरगी में क्या खाएं कि पूरा दिन रहें एनर्जी से भरपूर



इस त्योहारी सीजन में फिट रहने के लिए आपके काम आएंगे ये टिप्‍स‌‌‌‌‌‌...


हालांकि, देवकी के सातवें पुत्र को आध्यात्मिक तरीके से वृंदावन की राजकुमारी रोहिणी के गर्भ में परिवर्तित कर दिया गया था, जो कि कृष्ण जी के बड़े भाई बलराम के नाम से जाने जाते हैं। कृष्ण के जन्म के समय उन्हें यशोदा और नंद के घर वृंदावन ले जाने के लिए वासुदेव को भगवान द्वारा सलाह दी गई थी। साथ ही, उसी समय जन्मी बच्ची को वापस लाने के लिए भी गया था। ताकि राजा कंस को यह दर्शाया जा सके कि उन्हें गलत भविष्यवाणी हुई थी, देवकी को आठवां पुत्र नहीं, बल्कि पुत्री हुई है। लेकिन निर्दयी कंस ने बच्ची को भी नहीं छोड़ा। उसे मारने के लिए पत्थर पर जिसे ही फेंका, वह हवा में उड़ गई और मां दुर्गा का रूप लेकर कंस की मृत्यु की चेतावनी दी।

भगवान कृष्ण वृंदावन में मां यशोदा के प्यार-दुलार में बड़े हुए। भगवान कृष्ण की शरारतों की हजारों कहानियों का लोग आज भी पाठ करते हैं। अपनी जिंदगी में कृष्ण जी ने कई असुरों को मारकर लोगों की रक्षा की और जैसा की भविष्यवाणी हुई थी, कंस को मारकर अपना सम्राज्य वापस ले लिया।

जन्माष्टमी महोत्सव और छप्पन भोग
हर साल भगवान कृष्ण के भक्त जन्माष्टमी का बहुत बेसब्री से इंतजार करते हैं। यद्यपि जगह-जगह पर इस त्योहार को लोग अपने तरीके से मनाते हैं। कई लोग पूरा दिन व्रत रखते हैं और रात 12 बजे तक जगे रहते हैं, क्योंकि ऐसा माना जाता है कि रात को 12 बजे भगवान कृष्ण ने जन्म लिया था। आमतौर पर सूर्य छिपने के बाद लोग भगवान कृष्ण का भजन-कीर्तन करते हैं और रात को 12 बजे के बाद ही अपना व्रत खोलते हैं। इस दिन को ‘नंन उत्सव' के नाम से भी जाना है। इस दिन लोग अपनी करीबियों और रिश्तेदारों को गिफ्ट और मिठाइयां बांटते हैं।   
 


भगावन को भोग लगाते समय 56 तरह की चीजें खाने में शामिल किया जाता है, इसलिए इन्हें 56 भोग कहा जाता है, जिन्हें व्रत के बाद लोगों में बांट दिया जाता है। पौराणिक कथाओं में कहा गया है कि इसमें भगवान कृष्ण की पसंदीदा डिशों को शामिल किया जाता है- सीरियल्स, फल, ड्राई फ्रूट्स, मिठाई, ड्रिंक्स, नमकीन और अचार। इनमें हर श्रेणी को सात संख्या में रखा जाता है।

 

 

ताजा लेख-
 

Weight loss: वजन घटाने में मदद करेगा इलायची का पानी, इलायची के फायदे



Raita For Weight Loss: ये 3 रायते कम करेंगे वजन और डाइटिंग भी बनेगी जायकेदार...



How to Remove Hair from Face: अनचाहे बाल हटाने के 5 घरेलू उपाय



अगर अच्छी नींद चाहिए, तो सोने से पहले खाएं ये 5 आहार...



Remedies for hair fall: झड़ते बालों को तुरंत रोक देंगे ये घरेलू नुस्खे...



Halwa Recipe: झटपट बनाएं हलवा, पढ़ें सूजी का हलवा बनाने की रेसिपी



दिल्ली वासियों के अस्थि पंजर हो रहे ढीले



Benefits of Cloves: लौंग के फायदे, ये 5 परेशानियां होंगी दूर



Prevent Vomiting: कैसे रोकें उल्टियां, ताकी ट्रैवल के दौरान न हो परेशानी, 7 घरेलू नुस्खे



Diabetes: कैसे आंवला करेगा ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल, आंवला के फायदे



कुछ लोग 16 तरह की नमकीन, 20 तरह की मिठाई और 20 तरह के ड्राई फ्रूट्स ऑफर करते हैं। भोग में पाए जाने वाली कुछ सामान्य चीजें- मक्खन मिश्री, खीर, रसगुल्ला, जलेबी, रबड़ी, मट्ठी, मालपुआ, मोहनभोग, चटनी, मुरब्बा, साग, दही, चावल, दाल, कढ़ी, घेवर, चिला, पापड़, मूंग दाल का हलवा, पकौड़ा, खिचड़ी, बैंगन की सब्जी, घिया की सब्जी, पूरी, बादाम मिल्क, टिक्की, काजू, बादाम, पिस्ता और इलायची आदि होती हैं। यही नहीं, भोग ख़ास अनुक्रम में लगाया जाता है, जिसकी शुरुआत दूध से बनी चीज़ों से होती है। इसके बाद बेसन से बनी चीज़ें और नमकीन खाने का भोग लगाया जाता है। आखिर में, ड्राई फ्रूट्स और इलायची से भोग लगाते हैं।

क्यों लगाते हैं 56 चीज़ों का ही भोग  


अगर आप यह जानने के इच्छुक हैं कि सिर्फ 56 चीज़ों का ही भोग क्यों लगाते हैं-तो चलिए हम बताते हैं इसका कारण।  इंद्र के क्रोध से लोगों को बचाने के लिए भगवान कृष्ण ने अपनी सबसे छोटी अंगुली पर गोवर्धन पर्वत को सात दिनों के लिए उठा लिया था। वैसे भगवान कृष्ण रोज़ आठ तरह की खाने की चीज़ें खाया करते थे, लेकिन उन सात दिनों में कृष्ण जी ने कुछ नहीं खाया था, तो सातवें दिन के आखिर में लोगों ने उनका धन्यवाद करने के लिए 8X7=56 तरह की डिश उनके सामने रखीं, जिसमें उनकी पसंदीदा डिश को ही शामिल किया गया था।



Reduced Sex Drive? 6 सुपरफूड जो बढ़ाएंगे आपकी लिबिडो
दिल की बीमारियों का खतरा दोगुना कर सकता है HIV Infection



Low Sperm Count के बावजूद घर में यूं गूंज सकती है बच्चे की किलकारी



कहीं मां या पिता न बन पाने के पीछे एयर पॉल्यूशन तो नहीं है वजह...!



अन्य सेलिब्रेशन


मुंबई में जन्माष्टमी को भव्य रूप में मनाया जाता है, जहां पर मक्खन से भरी मटकी को ऊंचाई पर बांधा जाता है, और लड़कों के ग्रुप द्वारा उन्हें तोड़ने की कोशिश की जाती है। इस महोत्सव को देखने के लिए लोगों की भीड़ वहां पहुंचती है। यहां तक की, कई ग्रुप्स इस मौके पर मटकी फोड़ने का कॉम्पिटीशन करते हैं, जिस दौरान जीतने वाले ग्रुप को प्राइज़ दिया जाता है। भारत के दूसरे हिस्सों में, छोटे-छोटे बच्चों को कृष्ण जी की तरह सजाया जाता है, सिर पर मोर पंख, गले में माला और हाथ में बांसुरी दी जाती है। लोग इकट्ठे होकर भजन-कीर्तन करते हैं। साथ ही, बागवत गीता का सार पढ़ते हैं। कुछ क्षेत्रों में लोग थियेटर में रासलीला का अभिनय करते हैं, जिनमें भगवान कृष्ण की कहानी को दर्शाते हैं।

Commentsभारतभर में, ख़ासतौर से साउथ में, लोग अपने घरों के प्रवेश द्वार को रंगोली (सुंदर और आकर्षित डिजाइन को कलरफुल रंग और चावल के पाउडर से बनाया जाता है) सजाते हैं। इसके साथ ही, घर को अच्छी तरह से साफ कर वहां भगवान कृष्ण की मूर्ति, अगरबत्ती और माला आदि लगाकर सजाते हैं।

 

और खबरों के लिए क्लिक करें.
 



NDTV Food Hindi से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर ज्वॉइन और Twitter पर फॉलो करें... साथ ही पाएं ताजा फूड खबरें , चटपटे जायके, हेल्थ टिप्स, ब्यूटी के कारगर नुस्खे और टिप्स और फूड एंड ड्रिंक से जुड़ी खबरें भी.
Tags:  Lord Krishna

Advertisement
ताजा लेख
Advertisement