Lunar Eclipse 2019: क्या चंद ग्रहण के दौरान भोजन करना होता है हानिकारक?

एक तरफ 16 जुलाई को भारत में जहां गुरु पुर्णिमा का पर्व उत्साह के साथ मनाया जाएगा वहीं उसके कुछ घंटों बाद चंद्र ग्रहण (Chandra Grahan)भी शुरू हो जाएगा. यह आंशिक चंद्र ग्रहण भारत सहित अन्य देशों यूरोप, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अमेरिका में भी दिखाई देगा.

NDTV Food Hindi  |  Updated: July 16, 2019 17:43 IST

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Lunar Eclipse 2019: Is Eating Food During Chandra Grahan Harmful Today?

चंद्र ग्रहण 2019: चंद्र ग्रहण से पहले सूतक काल शुरू हो जाएगा.

Highlights
  • भारत सहित अन्य देशों ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अमेरिका में भी दिखाई देगा.
  • सूतक काल के दौरान पूजा-पाठ जैसे काम नहीं किए जाते.
  • आंशिक चंद ग्रहण के दौरान पृथ्वी घूमते हुए सूर्य और चंद्रमा के बीच आती है

एक तरफ 16 जुलाई को भारत में जहां गुरु पुर्णिमा का पर्व उत्साह के साथ मनाया जाएगा वहीं उसके कुछ घंटों बाद चंद्र ग्रहण भी शुरू हो जाएगा. यह आंशिक चंद्र ग्रहण (Partial Lunar Eclipse) भारत सहित अन्य देशों यूरोप, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अमेरिका में भी दिखाई देगा. चंद्र ग्रहण (Chandra Grahan) होने से पहले सूतक काल 16 जुलाई को 4 बजकर 31 मिनट से ही शुरू हो जाएगा. सूतक काल के दौरान पूजा-पाठ जैसे काम नहीं किए जाते. इसलिए जो लोग गुरु पुर्णिमा के अवसर पूजा करते हैं वे सूतक काल लगने से पहले ही पूजा कर लेंगे. इतना नहीं सूतक के दौरान मंदिरों के कपाट भी बंद कर दिए जाते हैं. वहीं चंद ग्रहण की बात करें तो यह 16 जुलाई की रात 1 बजकर 31 मिनट पर शुरू होगा और 17 जुलाई की सुबह 4 बजकर 30 मिनट पर खत्म होगा.

आंशिक चंद ग्रहण के दौरान पृथ्वी घूमते हुए सूर्य और चंद्रमा के बीच आती है लेकिन, यह तीनों एक सीधी लाइन में नहीं होते जिसकी वजह से आंशिक चंद ग्रहण होता है. ग्रहण को लेकर लोगों के बीच काफी मिथक हैं जिनका पालन लोग इस दौरान करते हैं. चंद ग्रहण को लेकर लोगों में एक सबसे पहला मिथ यह है कि ग्रहण में कुछ भी खाना-पीना नहीं चाहिए, उनका मानना है कि ग्रहण में खाना खराब हो जाता है जिसके चलते बदहजमी हो सकती है. कुछ लोग तो खाने में तुलसी के पत्ते डालकर रखते हैं ताकि खाना खराब न हो.

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इसके अलावा कुछ हिस्सों में चंद ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को  घर में रहने ही सलाह दी जाती है ताकि होने वाले बच्चे पर ग्रहण का प्रभाव न पड़े. दूसरा मिथ यह है कि उन्हें गर्भावस्था में किसी धारदार चीज जैसे चाकू या अन्य किसी चीज का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए, ऐसा कहा जाता है कि अगर चंद ग्रहण में कोई प्रेग्नेंट स्त्री ऐसी चीजों का उपयोग करती है तो होने वाले बच्चे के शरीर पर बर्थ मार्क रह जाते हैं.

वहीं मेडीयोग के फाउंडर और डायरेक्टर योगी अनूप के अनुसार, "यह नहीं कहा जाता है कि आपको इस दिन के दौरान खाद्य पदार्थों को खाना पूरी तरह से बंद कर देना चाहिए, लेकिन हल्का भोजन खाना चाहिए जोकि पचने में आसान हो. इस दिन, आपके शरीर में शीतलन प्रभाव होता है, जो बदले में, आपके पाचन तंत्र को धीमा कर देता है और कम पाचन रस पैदा करता है, यही कारण है कि ज्यादातर इस बात की सिफारिश की जाती है कि आपको बहुत अधिक भारी भोजन नहीं खाना चाहिए. चंद्रमा पानी है और हमारे शरीर में 72 प्रतिशत पानी है, जिसका अर्थ है कि चंद्रमा में परिवर्तन होने के कारण  मस्तिष्क और शरीर में एक बदलाव होगा. इस दिन के दौरान, लोग भावनात्मक परिवर्तनों से भी गुजरते हैं. यह दिन आसानी से गुजर जाए तो इसके लिए आपका मेडिटेशन और गहरी सांस लेने का अभ्यास करें."

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