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MahaShivratri 2021: कब है शिवरात्रि? यहां जाने पूजा का सही समय और व्रत से जुड़ी बातें

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Mahashivratri 2021: शिवरात्रि भारत के सबसे पुराने त्योहारों में से एक है. शिवरात्रि के साथ बहुत ही बाते हैं-

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Highlights

  • महाशिवरात्रि जिसका मतलब है 'शिव की महान रात'.
  • हिंदुओं के लिए यह एक महत्वपूर्ण त्योहार है.
  • इस दिन भगवान शिव के भक्त शिवरात्रि का व्रत रखते हैं.

इन दिनों हम सभी अपने पसंदीदा मौसम वसंत का मजा लें रहे हैं जिनमें दिन लंबे और सुखद भरे हो जाते हैं. भारत में वसंत का मौसम त्योहारों से भरा होता है, महाशिरात्रि उन्हीं में से एक है. महाशिवरात्रि जिसका मतलब है 'शिव की महान रात', हिंदुओं के लिए यह एक महत्वपूर्ण त्योहार है. इस दिन भगवान शिव के भक्त शिवरात्रि का व्रत रखते हैं और पूरी श्रद्धा के साथ अपने ईष्ट से प्रार्थना करते हैं. इस मंदिरों में खूब सजावट ​की जाती है और सारा दिन भजन कीर्तन का आयोजन किया जाता है. मंदिरों शिवलिंग का महाअभिषेक होता है, दूध, फल और बेल के पत्तों सहित कई प्रकार का  प्रसाद भोलेनाथ को अर्पित करते हैं. सारा दिन उपवास करने के बाद ही भगवान शिव के भक्त शाम को सात्विक भोजन ग्रहण कर अपना उपवास तोड़ते हैं.

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कब है महाशिवरात्रि और पूजा का समय:

इस साल महाशिवरात्रि 11 मार्च गुरूवार 2021 को मनाई जाएगी.

11 मार्च 2021 गुरुवार को महाशिवरात्रि

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निशित ,काल पूजा का समय - दोपहर 12:06 बजे से 12:54 बजे, 12 मार्च तक

12 मार्च को, शिवरात्रि पराना समय - प्रातः 06:33 से प्रातः 03:02 तक

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रात्रि प्रथम प्रहर पूजा का समय - प्रातः 06:26 से प्रातः 09:28 तक

रत्रि दूसरी प्रहर पूजा का समय - प्रातः 09:28 से 12:30 बजे, 12 मार्च

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रात्रि तृतीय प्रहर पूजा का समय - दोपहर 12:30 से रात 03:32 बजे, 12 मार्च

रात्रि चौथा प्रहर पूजा का समय - प्रातः 03:32  से 06:33 AM, 12 मार्च

चतुर्दशी तिथि शुरू होती है - 02:39 PM 11 मार्च, 2021 को

चतुर्दशी तिथि समाप्त - 03:02 PM 12 मार्च, 2021 को

(स्रोत: द्रिकपंचाग डॉटकॉम)

महाशिवरात्रि का महत्व | शिवरात्रि पर लोग उपवास क्यों करते हैं

शिवरात्रि भारत के सबसे पुराने त्योहारों में से एक है. शिवरात्रि के साथ बहुत ही बाते हैं, कुछ लोग कहते हैं कि यह एक वह रात है जब शिव ने सृष्टि, संरक्षण और विनाश का स्वर्गीय नृत्य किया, जबकि कुछ लोगों का कहना कि भगवान शिव ने देवी पार्वती से इस शुभ अवसर पर शादी की थी. शिवरात्रि ध्यान और आध्यात्मिकता की शक्ति पर केंद्रित है. कई लोग इस दिन उपवास भी करते हैं ताकि वे अपनी भक्ति और ध्यान केंद्रित कर सकें. जबकि कुछ सिर्फ फलों और दूध का सेवन करते हैं, ऐसे लोग भी हैं जो 'निर्जला' व्रत का पालन करते हैं- जिसमें वे एक बूंद भी पानी का सेवन नहीं करते हैं जब तक कि वे अपना व्रत नहीं खोलते. यहां तक ​​कि जो लोग उपवास नहीं कर रहे हैं, वे हल्के शाकाहारी, या सात्विक भोजन का सेवन करते हैं जैसे आलू की सब्जी, कुट्टू की पूरी, पकौड़े और खीर. इतना ही नहीं लोग इस दिन भोजन बनाने में साधारण नमक की जगह सेंधा नमक का इस्तेमाल करते हैं .

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