बोतलबंद पेय पदार्थों के इस्तेमाल से बढ़ रही है लोगों की समस्याएं

   |  Updated: January 11, 2016 12:07 IST

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Why You Should Stop Drinking Soft Drinks
हम सभी जानते हैं कि बाजार में मिलने वाले जितने भी कोल्ड ड्रिंक्स या पेय पदार्थ होते हैं, उनमें चीनी की मात्रा काफी ज़्यादा पाई जाती है। अगर इन बोतलबंद पेय पदार्थों में शुगर 40 प्रतिशत कम कर दी जाएं, तो इससे अगले दो दशक तक तीन लाख से भी ज़्यादा लोगों को मोटापे से होने वाली टाइप-2 डायबिटीज़ से बचाया जा सकता है।

एक अध्ययन में पता चला है कि अगर इन पेय पदार्थों में से रोजाना 38.4 कैलोरी एनर्जी की कटौती की जाए, तो पांच साल के बाद एक युवा में करीब 1.20 किलो वज़न की कमी देखने को मिलेगी। साथ ही पांच से 10 लाख युवाओं को मोटापे की भी समस्या नहीं होगी। इसके अलावा अगले दो दशकों में लगभग तीन लाख लोग मोटापे से होने वाली टाइप-2 डायबिटीज़ से भी बच सकेंगे। Commentsएक्शन फॉर शुगर ग्रुप के चेयरमैन प्रोफेसर ग्राहम मैकग्रेगोर के नेतृत्व में किए गए इस अध्ययन को लेसेंट डायबिटीज़ एंड एंडोक्रिनोलॉजी नाम के जरनल में प्रकाशित किया गया है। आपको बता दें कि कोल्ड ड्रिंक के अलावा लस्सी और फ्रुट जूस में भी चीनी की भारी मात्रा पाई जाती है, जो कि सेहत के लिए ख़तरनाक हो सकती है।

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