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This Article is From May 28, 2016

...तो ये है नवजात में मधुमेह के खतरे का कारण

...तो ये है नवजात में मधुमेह के खतरे का कारण
लंदन: नवजात के प्रथम छह महीने के दौरान श्वसन तंत्र (सांस लेने वाली नली) में इंफेक्शन जैसे सर्दी-खांसी, फ्लू, टौंसिल, कफ वाली खांसी और नीमोनिया आदि होने से बच्चों में टाइप 1 मधुमेह का खतरा बढ़ जाता है। एक नए शोध से यह जानकारी मिली है। इस शोध के निष्कर्षों में कहा गया है कि बच्चों के शुरुआती छह महीने उसके शरीर में प्रतिरक्षा प्रणाली के विकास के लिए अहम होते हैं, जो टाइप 1 मधुमेह (टीआईडी) जैसे रोगों से लड़ता है।

शोधकर्ताओं के मुताबिक, जिन बच्चों में जन्म से 2,9 महीने के दौरान श्वसन तंत्र में संक्रमण होता है, उनमें जन्म से लेकर तीन से पांच, नौ महीनों के बीच श्वसन तंत्र के शिकार बच्चों के मुकाबले टाइप 1 डायबिटीज़ होने की संभावना अधिक होती है। इसी उम्र में अगर बच्चा किसी प्रकार के श्वसन तंत्र के इंफेक्शन से प्रभावित नहीं है तो उसके टाइप 1 डायबिटीज़ होने की संभावना कम हो जाती है।

शोधकर्ताओं में से एक जर्मनी के हेल्महोल्ट्ज जेंट्रम मंचेन का कहना है, "हमारे निष्कर्षों से पता चलता है कि बच्चों में जन्म के पहले छह महीनों में श्वसन तंत्र में संक्रमण से बच्चे में टाइप 1 मधुमेह विकसित होने का खतरा बढ़ जाता है।"

नवजात बच्चों में वयस्कों के मुकाबले श्वसन तंत्र के संक्रमण (जिनमें सर्दी-खांसी, फ्लू, टौंसिलाइटिस, कफ वाली सर्दी और नीमोनिया शामिल है) का खतरा अधिक होता है, क्योंकि उनका प्रतिरक्षण तंत्र विकसित नहीं होता है।

यह अध्ययन जेएएमए पत्रिका में प्रकाशित किया गया है।

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है)

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