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This Article is From Mar 16, 2016

एंटीडिप्रेसेंट दवाइयों से टीथ इंप्लांट होता है असफल

एंटीडिप्रेसेंट दवाइयों से टीथ इंप्लांट होता है असफल
न्यूयॉर्क: एंटीडिप्रेसेंट (अवसादरोधी) दवाइयां, चिंता, दर्द व अन्य परेशानियों के इलाज के लिए इस्तेमाल में लाई जाती हैं। लेकिन आपको बता दें कि इससे हड्डियों के साथ दांतों के सही तरह के विकसित होने में परेशानी हो सकती है।

अमेरिकी शोधकर्ताओं ने पाया कि अवसादरोधी दवाओं के प्रयोग से दांतों के इंप्लांट के असफल होने की संभावना चार गुना बढ़ जाती है। हर साल अवसाधरोधी दवाओं के कारण दांतों के इंप्लांट की विफलता की दर दोगुनी होती जा रही है।

एक तरफ जहां ये दवाइयां मूड और भावनाओं के प्रबंधन में उपयोगी हैं। वहीं, दूसरी तरफ इससे हड्डियों का मैटाबॉलिज्म बिगड़ जाता है। प्रमुख शोधकर्ता बफैलो यूनिवर्सिटी की सुलोचना गुरुं ग का कहना है कि “सही ढंग से चोट को भरने के लिए प्रभावित जगह के आस-पास नई हड्डियों का निर्माण होना बेहद ज़रूरी होता है। लेकिन अवसादरोधी दवाई इस प्रक्रिया को प्रभावित करती है”।

यूबी दंत चिकित्सालय के मरीजों पर 2014 में अध्ययन करने के दौरान शोधकर्ताओं ने पाया कि, जिन थोड़े बहुत मरीजों का टीथ इंप्लांट असफल रहा था, उनमें से 33 प्रतिशत लोग अवसादरोधी दवाओं का प्रयोग करते थे। वहीं, जिन मरीजों का टीथ इंप्लांट सफल रहा था, उनमें से केवल 11 फीसदी ने अवसादरोधी दवाएं ली थी।

यह शोध लॉस एंजिलिस में 19 मार्च को होने वाले 45वें सालाना अमेरिकन एसोसिएशन फॉर डेंटल रिसर्च में प्रस्तुत किया जाएगा।


(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है)

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