देवी कात्यायनी को समर्पित है नवरात्रि का छठा दिन, पष्ठी से ही होती है दुर्गा पूजा की शुरुआत

नवरात्रि के नौ दिन देवी दुर्गा के नौ अवतारों की अराधना की जाती है. पूरा भारत इन दिनों नवरात्रि का उत्सव मना रहा है. हर दिन का अपना एक महत्व है.

   |  Updated: October 21, 2020 16:50 IST

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Highlights
  • नवरात्रि का छठे दिन को पष्ठी भी कहा जाता है.
  • नवरात्रि के छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा की जाती है.
  • दुर्गा पूजा की एक अलग ही रौनक देखने को मिलती है.

नवरात्रि के नौ दिन देवी दुर्गा के नौ अवतारों की अराधना की जाती है. पूरा भारत इन दिनों नवरात्रि का उत्सव मना रहा है. हर दिन का अपना एक महत्व है. नवरात्रि का छठे दिन को पष्ठी भी कहा जाता है. कोलकाता में पष्ठी वाले दिन से दुर्गा पूजा की भी शुरुआत होती है, जहां दुर्गा पूजा की एक अलग ही रौनक देखने को मिलती है. पष्ठी वाले दिन से दुर्गा पूजा के लिए बड़े बड़े पंडाल लगाएं जाते है जहां आपको मां दुर्गा की बेहद ही सुंदर मूर्तियां देखने को मिलती है. लोग भारी संख्या में मां दुर्गा के दर्शन के लिए इन पंडालो में जाते हैं.

नवरात्रि के छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा की जाती है, ऐसा माना जाता है की ऋषि कात्यायन के घर में इन्होंने पुत्री के रूप में जन्म लिया था जिस कारण इनका नाम कात्यायनी पड़ा. मां कात्यायनी का स्वरूप बेहद तेज भरा होता है. शेर पर सवार मां कात्यायनी की चार भुजाएं हैं जिनमें से उनके एक हाथ में कमल और दूसरे हाथ में तलवार हैं. हिन्दू पौराणिक कथाओं के अनुसार देवी कात्यायनी ने महिषासुर नामक दानव का संहार किया था. मां कात्यायनी की पूजा करने से विवाह में आने वाली बांधा दूर हो जाती है. भक्त देवी कात्यायनी को प्रसाद के रूप में शहद चढ़ाते हैं. कहा जाता है देवी कात्यानी के आशीर्वाद से आपकी सभी समस्याएं समाप्त हो जाती है और जीवन में मधुरता आती है.

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शहद चढ़ाने के अलावा कई चीजों में शहद को मिलाकर भोग के लिए प्रसाद बनाते वक्त चीनी की जगह शहद को उपयोग में ला सकते हैं.  आमतौर पर भगवान को भोग लगाने के लिए पंचामृत तैयार करते हैं और इसमें हम शहद का इस्तेमाल करते हैं. इसके अलावा जो लोग उपवास कर रहे हैं उनके लिए हम अपनी कुछ खास रेसिपीज शेयर कर रहे हैं जिनका सेवन आप व्रत के दौरान कर सकते हैं.

केसरिया दूध

इसे केसर और इलाइची के स्वाद के साथ तैयार किया गया है, इसका सेवन आप व्रत के दौरान कर सकते हैं. इसे बनाना बहुत ही आसान है, आप चाहे तो चीनी की जगह इसमें शहद का डाल सकते हैं.

आलू की खिचड़ी

खिचड़ी का यह वर्जन नवरात्रि के लिए बहुत ही बढ़िया विकल्प है. इस खिचड़ी में दाल का इस्तेमाल नहीं किया गया. समा के चावल और आलूओं को घी में तड़का देकर भूना जाता है. तो इस बार नवरात्रि में आप भी इस स्वादिष्ट खिचड़ी का मजा लें सकते है.

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व्रतवाले खट्टे-मीठे आलू

नवरात्रि के दौरान आलू एक ऐसी सब्जी है जिससे कुछ भी बनाकर खाया जा सकता है. इस बार नवरात्रि में खट्टे मीठे आलू भी बनाकर खा सकते हैं. यह आलू टैंगी नींबू और मिर्च के साथ पकाए जाते हैं. इन्हें बनाना भी बेहद ही आसान है.

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